मिठाई में मिलावट या खबरों में ???

मिठाई में मिलावट या खबरों में ???  ये प्रश्न अब इसीलिए पूछना जरूरी हो गया है क्योंकि हर साल की तरह इस साल भी मीडिया जगत के कुछ समूह ने मिठाई,दूध,खोया में जहर और मिलावट जैसी खबर चलानी शुरू कर दी 😠 है ! ऐसा नही है कि उनकी ये खबर झूठी होती है पर बड़ा सवाल ये है कि क्यों तीज,त्यौहार जैसे जन्माष्टमी,होली,दीपवाली जैसे मुख्य त्योहारों पर इनकी खबरों की मात्र बढ़ जाती 😠 है !! क्या मिलावट सिर्फ इसी समय होता है य ये मात्र खबरों की मिलावट होती 🤔 है !

मिठाई य अन्य उत्पादों में मिलावट कोई बड़ी खबर नही है बल्कि ये कई वर्षो से चलता आ रहा है और ये सामान्य बात है जो जनता को पता है पर मिलवाट अगर ज्यादा हो तो ऐसे लोगो को बहिष्कृत करना भी चाहिए और उचित सजा भी देनी चाहिए ! पर कुछ छोटे दुकानदार जो देहात के हो य अन्य अपंजीकृत दुकानों के मिलावटी खबरों को मीडिया वाले टीवी में दिखाकर ये समस्त मिठाई उद्योग के पेट पर लात मारने का काम करते 🤕 है मात्र पैसे और trp के लिए ! इससे न केवल ग्राहकों में दहशत का माहौल 😰 होता है बल्कि अन्य मिठाई व्यापारियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है ! ग्राहक लेने से😬  डरते है और उसके विकल्प में अन्य चीजे लेना शुरू कर देते है ! मिठाई व्यापारियों का इससे न केवल व्यापर प्रभावित होता है बल्कि उनका त्यौहार भी ढंग से नही बन पाता !

 

 

सिर्फ मिठाई ही मिलावटी अन्य उत्पाद क्यों नही ????

 

ये सवाल बहुतो के मन में आता होगा 🤔 और बहुतों को इसका कारण भी पता होगा और कारण मात्र एक ही पैसा और Television Rating Point (TRP! डिब्बा बंद उद्योग के खाने वाले उत्पाद की बिक्री के लिए कम्पनियां काफी गहरा दाव खेलती है और वो खुद के प्रचार की मात्रा के साथ दुष्प्रचार के लिए मीडिया समूह पर दबाव 😠 बनाती है ताकि ग्राहक का समूह मिठाई को छोडकर उनके प्रोडक्ट्स ले !

टीवी पे हम और आप ये सुनकर काफी विचलित हो जाते है जब नकली मावा,मिठाई बनाते हुए पकड़ा जाता हो और स्टिंग ऑपरेशन होता हो और ये सुनकर ही आपके मन में यही विचार आयेगा कि इस होली , दिवाली कोई मिठाई नही लायेंगे न बाटेंगे ! पर क्या डिब्बे बंद सभी उत्पाद खाने में सुरक्षित होते है 😏 ? क्या मीडिया समूह की ये जिम्मेदारी नही वे पैकेट,डिब्बे बंद सामानों पर भी नजर रखे और सिर्फ नजर ही नही उन सामान की सच्चाई जनता के सामने लाये !!

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कहीं खबरों में मिलावट तो नही ?? 

 

आज कल बढ़ते प्रतिस्पर्धा के बीच में न्यूज़ वालो और न्यूज़ बनाने वालो पर काफी दबाव पड़ता है ! क्योंकि दिन-प्रतिदिन कई नई न्यूज़ वेबसाइट बनती जा रही है य फिर न्यूज़ चैनल और उसको चलाने के लिए ये तमाम उल-फिजूल चीजे जैसे निर्मल-बाबा,अश्लील,अभद्र और बेतुके प्रचार दिखाने से बाज नही आते ! इनकी मुख्य आय का जरिया खबर दिखाने से नही बल्कि प्रचार दिखाने से 😡 है ! अब तकीनीकी क्षेत्र में उन्नति के बाद मीडिया जगत बौखला 😵 सा गया है क्योंकि अधिकांश ग्राहक टीवी के दर्शक कम सोशल नेटवर्किंग साईट का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है जिससे प्रचार करने वाली कम्पनिया सरल उपाय अपना रही है और टीवी मीडिया के लोगो को कम प्रचार मिल पा रहा है जिससे उसे कम लाभ हो रहा है और इसी लाभ को बढ़ाने के लिए वे बढ़ी कम्पनियों के तलवे चाटने 😋 शूरु कर देती है ! कभी सास बहु और साजिश तो कभी क्रिकेट तो कभी बॉलीवुड की बाते जिनका खबरों से कोई नाता नही !

मिलावटी मिठाई तो टीवी-मीडिया और अन्य मीडिया समूह जरुर दिखाता होगा पर तब क्या करे जब मीडिया की खबर खुद ही मिलवाटी हो 😟 ! मीडिया ने मेहंदीगंज,प्लाचीमाड़ा जैसे क्षेत्र में पेप्सी-कोला के हुए कारनामो को नहीं दिखाया 😐! कारण यही कि इन्हें मुंह बन्द करने के लिये पैसे दिए गए ! सिर्फ मिठाई वालो में मिलवाट की खबर दिखाना ये डिब्बे बंद कम्पनियों के प्रति प्रेम ही दर्शाता है और अन्य लोगो के साथ भेदभाव !! और सिर्फ मिठाई ही नही फल,सब्जी और तमाम चीजो की खबर दिखाते तो जरुर है पर जड़ तक नही जाते कि इसका कारण क्या  है 😑और क्यों उन्होंने मिलावट किया ? क्या कारण था य कैसे अन्य लोगो को मिठाई में मिलावट करने से रोका जाए ! 😐

 

खबर य फिर बेहुदापन !!

 

एक सभ्य समाज में कोई व्यक्ति किसी कुरीति को देखता है तो उसे खत्म करने की कोशिश के लिए चिंतित य प्रयत्नशील रहता है पर मीडिया उसकी जगह बिलकुल अलग है ! वो कुरीति को बार बार ब्रेकिंग न्यूज़ बोल बोल कर लोगो को दिखाकर दिखाकर पागल बना देती 😡 है ! इससे न केवल दर्शको में समाज के प्रति एक गहरा असंतोष उत्पन्न हो जाता है बल्कि उसे अपने क्षेत्र और देश में रहने में भी अपमान,असंतोष और असुरक्षा मिठाई में मिलावट या खबरों में ???महसूस होती है ! सनसनी न भी हो तो भी उसे सनसनी के खबरों का 👿 दर्जा दे दिया जाता है और धमकाया 😣 जाता है कि कहीं आपके दरवाजे पे कोई अपराधी न दे दे दस्तक !! ये सिर्फ  बेहुदापन है मीडिया जगत का जो आम नागरिक कब से चुप-चाप सह रहा है ! जरूरत है तो लोगो को खबरों की विवेचना करने की ! ताकि अच्छे 😇और सकारात्मक खबरों से समाज का भला हो बल्कि लोग जिज्ञासा वश खबरों को देखना, सुनना पसंद भी करे और उसपर चर्चा🤗 भी करे !

लोगो को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आज मीडिया कटपुतली मात्र ही है ! उसके सामने पैसा फेंको और तमाशा देखो ! हार्दिक पटेल और कनहैय्या  इसका बढिया उदाहरण है ! लोगो को बनाने में और गिराने में इससे अच्छा उपयोगी और दूसरा कोई नही क्योंकि लोगो की आदत हो गयी है कि जो टीवी 📺 पे दिखा उसे सच मान लिया !! जबकि जमीनी स्तर पर बात तो कुछ और ही है !

सभी से आग्रह है कि टीवी मीडिया के दिखाए गये मिठाई के मिलावट खोरी के जवाब में उन से ये सवाल जरुर करे कि क्यों आखिर अन्य डिब्बा बंद उत्पादों पर आपकी नजर नही जाती है ? आखिर ऐसा क्या कारण है जो पैकेट-डिब्बा बंद खाने के  सामान में मिलावट की खबरे कभी सुर्खियाँ न बन सकी  !! क्या पेप्सी,कुरकुरे,बिस्कुट,पाउडर वाली सामग्री और अन्य पन्नी,डिब्बा बंद खाद्य सामग्री इन्हें कभी मिलावटी नही लगी ? 🤔 य मिठाई वालो के धंधो को बंद कराने का सिर्फ ठेका ले 😡 रखा है ?